10 लाख पेड़ कटने से बचाएं , अब हरा रंग बना पहचान

पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश : ग्रीन मैन विजयपाल बघेल का शाहपुरा में अभिनंदन


ग्रीन मैन विजयपाल बघेल


शाहपुरा : पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कहने पर खुद को हरे रंग से रंगने वाले विजयपाल बघेल के बात ही निराली है। पर्यावरण प्रेमी बघेल को हरियाली से इतना लगाव है कि उनके तन के कपड़ों से लेकर पेन, डायरी सहित हर चीज हरे रंग की है। हरा रंग उनकी  पहचान बन चुका है। बघेल अब तक करीब 10 लाख से अधिक पेड़ कटने से बचा चुके हैं और अनगिनत लगवा चुके हैं। 

राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। ग्रीन मैन विजयपाल बघेल का शनिवार को दिल्ली से जयपुर जाते समय शाहपुरा में विभिन्न संगठनों ने सम्मान किया। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पूर्व हरित कोरिडोर की मांग को लेकर भारत वर्ष में 1600 किलोमीटर पद यात्रा की थी। ग्रीन मैन ने पर्यावरण बचाने के लिए सभी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पेड़ों को काटने से बचाने का संदेश दिया है ताकि धरती हरी-भरी रह सके।

 

45 वर्ष से प्रतिदिन लगा रहे एक पौधा


ग्रीन मैन 45 बरस से प्रतिदिन एक पौधा जरूर लगाते हैं। अब तक करीब सवा करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। यूनेस्को के बुलावे पर वर्ष 2000 में अमेरिका में पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम में गए। जहां अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति अल गोर ने उनको क्लाइमेट लीडर्स में शामिल कर ग्रीन मैन ऑफ इंडिया की उपाधि से नवाजा था। 


यमुना जल लाने का रोड मैप करेंगे तैयार

भारतीय किसान संघ व शाहपुरा के लोगों ने ग्रीन मैन बघेल से यमुना का जल लाने के लिए भी मुहिम शुरू करने की मांग की। बघेल ने योजना को पूर्ण कराने के लिए साथ जुड़कर संबंधित जगह का मौका मुआयना कर रोडमैप तैयार करने का आश्वासन दिया और कहा कि संबंधित विभाग व जा सकते मंत्री के समक्ष इसका प्रेजेंटेशन रखेंगे। 


दादा की बात ने बनाया ग्रीन मैन

बघेल ने बताया कि बचपन में कुछ लोग गांव में गूलर का पेड़ काट रहे थे। पेड़ से पानी टपक रहा था उन्होंने दादा से पूछा तो कहा कि पेड़ चोट लगने से रो रहा है वह रोते हुए पेड़ से लिपट गए और तब तक नहीं छोड़ा जब तक काटने वाले चले नहीं गए इसके बाद से पेड़ लगाने से रोकने और नए पौधे लगाने का काम जारी किया। 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ