शौर्य पुरुष : जनरल बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत

तमिलनाडु से कुन्नूर के घने जंगल में हुआ  : जनरल बिपिन रावत समेत 13 की मौत , पहले सीडीएस बिपिन रावत को आखरी सलाम !

क्रैश के बाद जलता हेलीकॉप्टर


नीलगिरी : तमिलनाडु में बुधवार को वायु सेना का जमाई -17 वी 5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( सीडीएस ) जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई। इसमें 14 यात्री सवार थे। यह हादसा निलगिरी जिले के कन्नूर से 7 किमी दूर काटेरी के चाय बागान के पास करें जंगल में हुआ। वायु सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। 


पुलिस के अनुरोध अनुसार चौपर वायुसेना स्टेशन सुलूर से वैलिंगटन स्थित डिफेंस स्टाफ कॉलेज के लिए 11:50 बजे उड़ान भरी थी। जो 12:15 बजे करीब काटेरी के चाय बागान के पास की छोटी बस्ती के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना की एक वजह कब दृश्यता ( विजिबिलिटी ) बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने जोरदार आवाज सुनी थी। 

जब बाहर आए तो देखा कि हेलीकॉप्टर पेड़ से टकराकर बिखर चुका है। और भयावह की लपटें उठ रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही 6 एंबुलेंस और छह दमकल दस्ते मौके पर पहुंचे।   हालांकि जवानों को घटनास्थल तक पहुंचने का सहज रास्ता नहीं मिला। लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से वैकल्पिक मार्ग खोजते हुए वे वहां पहुंचे। 

80 फ़ीसदी से अधिक जोशी हालात में कुछ यात्रियों को निकालकर वेलिंगटन अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि कुछ की मौत भयंकर रूप से चलने से चोपर में ही हो गई। शवों के अधिक जल जाने से मरने वालों के नाम उजागर नहीं हो सके हैं। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार इनका डीएनए टेस्ट होगा। 

हेलीकॉप्टर पर सवार थे 14 लोग


सीडीएस बिपिन रावत ने बुधवार सवेरे पायलट ग्रुप कैप्टन पी एस चौहान और  लीडर कुलदीप के साथ उड़ान भरी थी। इस दौरान उनके साथ एक ब्रिगेडियर रैंक का अधिकारी समेत 14 लोग सवार थे। 
  1. जनरल बिपिन रावत  ( सीडीएस )
  2. मधुलिका रावत (  पत्नी )
  3. ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर
  4. लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह
  5. नायक गुरु सेवक सिंह
  6. नायक जितेंद्र कुमार
  7. लांस नायक विवेक कुमार
  8. हवलदार सतपाल
  9. लांस नायक बी . साईं तेजा
  10. विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान
  11. कुलदीप  लीडर
  12. वरुण सिंह ग्रुप कैप्टन

आखिरी दम तक पति के साथ रही मधुलिका रावत


बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत मध्यप्रदेश के शहडोल से संबंध रखती थी। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन किया था। वह कई तरह से समाज सेवा करती रही। मधुलिका परिवार संभालने के साथ-साथ आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। इसके तहत वह शहीदों की पत्नियों के जीवन यापन, विकास के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करती रहती थी। रावत की बड़ी बेटी कृतिका रावत मुंबई में रहती है वही छोटी बेटी तारिणी रावत अभी पढ़ रही है। 

अधूरी रह गई गांव में रहने की ख्वाहिश...

साल 2019 में जनरल बिपिन रावत ने इच्छा जताई थी कि वह रिटायरमेंट के बाद अपने पैतृक गांव में ही रहेंगे। 2019 में उन्हें ननिहाल आने का मौका मिला उन्होंने गांव के छोटे बड़े बच्चों और बुजुर्गों से मुलाकात कर रिटायरमेंट के बाद थाती गांव में ही रहने की बात कही थी। 


केवल वरुण सिंह ही बचे

हेलीकॉप्टर हादसे में इकलौते जिंदा बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को वेलिंगटन के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सेना के इस होली कॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे। 

वीआईपी चाॅपर है। एमआइ - 17वी5

वायुसेना का हेलिकॉप्टर एमआई सीरीज का था। इसमें दो इंजन होते हैं। यह वीआईपी चाॅपर कहलाता है। जहां कई हवाई पट्टी नहीं होती वहां पर वीआईपी मूवमेंट इसी हेलीकॉप्टर के जरिए होता है। 

आग का गोला बन गया था हेलीकॉप्टर : चश्मदीद

हास्य के एक चश्मदीद ने बताया कि उसे पहले बहुत तेज आवाज सुनाई दी हेलीकॉप्टर से पेड़ों पर गिरा। इसके बाद वह आग का गोला बन गया था एक अन्य से चश्मदीद ने जलते हुए लोगों को गिरते देखा था। 

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