जैसलमेर : साहस अनुशासन और सतर्कता

पूरी जिप्सी को पूर्जा - पूर्जा अलग करते जोड़ते सीमा सुरक्षा के जवान। 

जैसलमेर : सीमा सुरक्षा बल के जवान जितनी शिद्दत से देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। उतने ही दम खम से वीरता और कौशल से करतब भी करते हैं। यह नजारा शुक्रवार को जैसलमेर के शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में बल के रायसिंग डे परेड में फुल ड्रेस रिहर्सल में दिखाई दिया। सीसुब के महिला - पुरुष जवानों ने एक के बाद एक साहस के कई करतब दिखाए। 

उनके प्रशिक्षित ऊंट , घोड़ौ और सवानो की भागीदारी भी सराहनीय रही , अब आगामी 5 दिसंबर को इसी स्टेडियम में राइजिंग डे की परेड होगी। जिस की सलामी लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खास तौर पर मौजूद रहेंगे। 



400 वारदात करने वाले तीन गिरोह के 12 जने गिरफ्तार


तीन गिरोह का पर्दाफाश , पहली बार पकड़े गए बदमाश


पुलिस गिरफ्त में गिरोह के सदस्य


जयपुर / बगरू ; राजधानी व आसपास इलाके में करीब 400 लूट की वारदात अंजाम देने वाले तीन गिरोह के 12 लुटेरों को जयपुर कमिश्नरेट के बगरू एवं करणी विहार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध जयपुर में कार, पेट्रोल पंप और राहगिरो से लूट के करीब 25 मामले दर्ज है। लेकिन आरोपी पहली बार पकड़ में आए हैं। गिरोह सबसे अधिक वारदात वेश्यावृत्ति के लिए लड़की को भेजकर ग्राहकों के साथ करता है। 

जिसके बदनामी के डर से पीड़ित मुकदमा भी दर्ज नहीं करवाता है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल लांबा ने बताया कि वेश्यावृत्ति की आड़ में करीब 350 से अधिक वारदात करना कबूल है। जिनमें में 200 से अधिक वारदात ट्रक चालकों के साथ की है। 


हाईवे पर की लड़की खड़ी करके चालकों को लूटते थे। 

गिरोह के लोग दिल्ली और अजमेर रोड स्थित हाईवे पर रात को लड़की को खड़ा कर देते। लड़की ट्रक चालकों को इशारा कर रुक वाती और वेश्यावृत्ति के लिए तैयार करती। सौदा तय होने पर ट्रक चालक लड़की को केबिन में बैठाने लगता। तभी गिरोह के अन्य लोग पहुंच जाते और चालक का वीडियो बनाकर उससे मारपीट करते हैं। धमकी देकर चालक से रुपए लूटकर लड़की को अपने साथ ले जाते। 

तीनों गिरोह है जयपुर में इस तरह की रोज चार-पांच वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह ने टैक्सी कार किराए से लेकर चालक को बंधक बनाकर वाहन लूटना , ट्रैक्टर लूटना , शराब ठेके से शराब की पेटियां चोरी करना , फाइनेंस कंपनी के एजेंट से रुपए लूटने की वारदात करते हैं। पकड़ा गया एक गिरोह लूटी हुई कार को ₹50000 में दूसरे गिरोह को भेज देता है। 


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