गुमनामो के प्रस्ताव - फाइजर के टीके का करो दुष्प्रचार। Offer anonymous - Do Pfizer vaccine propaganda.

गुमनामो के प्रस्ताव - फाइजर के टीके का करो दुष्प्रचार। 

Offer anonymous - Do Pfizer vaccine propaganda. 


फ्रांस में इन दिनों सोशल मीडिया पर कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रचार का खेल चल रहा है। वहां की सरकार इसे लेकर असमंजस में है। जनता में व्यापक प्रभाव रखने वाले सोशल मीडिया यूजर्स को अज्ञात कंपनियां आर्थिक प्रस्ताव दे रही है। 

ब्रिटेन की होने का दावा करने वाली कंपनी ने साझेदारी के लिए इनसे ईमेल से संपर्क किया है। रकम की एवज में अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर की वैक्सीन का दुष्प्रचार करने को कहा जा रहा है। l2a साइंस के जुड़े कई फ्रेंड्स इनफ्लुएंसर्स ने ऐसी पेशकश आने के बाद स्वीकारी है। 
11 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर वाले यूट्यूब लियो  ने ट्वीट किया की एक क्लाइंट ने उन्हें बड़े आर्थिक पैकेज का दावा किया। लियो को अपने फॉलोवर्स के बीच वीडियो के जरिए झूठ पर लाने के लिए कहा गया। 

लियो को वीडियो में यह बताने को कहा गया कि fizer का टीका लगवाने वालों की मृत्यु दर एस्ट्रेजनेका का टीका लगा लेने वालों की तुलना में लगभग 3 गुना है. 

एजेंसी का जो पता दिया गया वह फर्जी निकला। एजेंसी की जिन कर्मचारियों की लिंकडइन प्रोफाइल का पता किया गया वह बाद में गायब हो गए। 

लियो को एजेंसी ने यह आग्रह भी किया कि वह अपने वीडियो को स्वतंत्र विचारों पर आधारित बनाए। इसमें विज्ञापन या प्रायोजित वीडियो जैसे शब्दों का उपयोग नहीं किया जाए। 

स्वास्थ्य मंत्री बोलिए अज्ञात स्त्रोत। 

85 हजार इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली एक हॉस्पिटल इंटन ने बताया कि उसे 30 सेकंड की स्टोरी डालने के लिए 2050 यूरो की पेशकश की गई। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरान ने मीडिया से कहा मुझे नहीं पता कि है प्रस्ताव कहां से आते हैं इनका स्त्रोत अज्ञात है लेकिन यह खतरनाक और गैर जिम्मेदाराना हरकत है। 

गौरतलब है कि फाइजर बायोटेक व स्वीडिश दवा कंपनी एस्ट्रेजनेका का ठिका फ्रांस में प्रमुख रूप से लगाया जा रहा है। 

पहले भी चला था ऐसा खेल। 

इससे पहले अप्रैल में यूरोपीय संघ की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि रुसी और चीनी मीडिया पश्चिमी कोविड-19 टिको के खिलाफ सार्वजनिक अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि रूस के रिपोर्ट को निराधार बताया गया था। 

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