Masi - silence in the Bandi River, Mafia underground.

 मासी - बांडी नदी में सन्नाटा, माफिया भूमिगत। 



नदी किनारे लगे हैं बजरे के स्टॉप, पुलिस करेगी जब्त। 

फागी / रेनवाल माजी.  बजरी खनन में परिवहन पर रोक के लिए जवानों की फौज आते ही भूमाफिया अब भूमिगत हो गए हैं   पिछले दिनों में नाको पर लगाए जवानों ने काफी हद तक बजरी परिवहन पर लगाम कस दी है। अब मासी और बांडी नदी में दूर तक सन्नाटा पसरा हुआ है। 

पहाड़िया ग्राम पंचायत के बांसडी - जोगियान के लोगों का कहना है कि अचानक बजरी के वाहन लिप्त हो गए हैं। वही माफिया भी भूमिगत हो गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल व दूदू सीओ विजय सेहरा ने बताया मासी व बांडी नदी से अवैध बजरी का परिवहन करने वाले बजरी माफियाओं पर पिछले 10 दिन से पूर्ण रुप से अवैध बजरी खनन करने वाले बजरी माफियाओं पर रोक लगा देने की वजह से अब शांति की स्थिति है। 
पहले बजरी के वाहनों से हादसों का अंदेशा रहता था पिछले 10 दिनों से पुलिस और आरएसी के जवान लगातार दिन रात को गश्त कर रहे हैं। 
जिससे सन्नाटा पसरा हुआ है। सेहरा ने बताया कि नदियों से अवैध बजरी खनन के परिवहन अब बंद हो गए हैं। फिर भी अगर कोई अवैध बजरी का दोहन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। 
थाना अधिकारी हरिनारायण शर्मा ने बताया कि उपखंड क्षेत्र में बजरी खनन के प्रमुख केंद्र माने जाने वाले डिडावता, संग्राम पुरा, हनोतिया गुजरान , नोहरा मुकुंदपुरा , बिसालू , चांदमाखुर्द, खिजुरिया, लदाना सहित अन्य गांव में 4 बाइक 2 जवान रात दिन गस्त करने के साथ आरएसी का अतिरिक्त जाब्ता तैनात लग गया है। मासी नदीम के कई इलाकों में देर रात गरजने वाले जेसीबी व पोकलेन मशीनें बंद हो गई है। अब जगह-जगह लगाए स्टोक  को भी पुलिस जप्त करने की योजना बना रही है। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ