Chini hackar cyber attack in India 2021

 चीनी हैकर्स की फौज के निशाने पर हमारी बिजली, रिपोर्ट में खुलासा। 



साइबर वॉर । अक्टूबर 2020 में मुंबई ब्लैकआउट के पीछे भी ड्रैगन। 5 दिन में के 40,000 से अधिक अटैक। 

चीनी सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े हैं तार। 

देश की पावर सप्लाई चीन के साइबर अटैकर्स के निशाने पर है। लद्दाख में जारी तनाव के दौरान चीन अपने हैं कर्ज की मदद से भारत में ब्लैक आउट कराने की फिराक में था। न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक स्टडी के हवाले से दावा किया है कि चीनी हैकर्स की फौज ने अक्टूबर 2020 में मात्र 5 दिन के अंदर भारत के पावर ग्रिड आईटी कंपनियों और बैंकिंग सेक्टर पर 40000 से अधिक बार साइबर अटैक किया था। 
इस स्टडी मेंकहां गया कि जून महीने में गलवा घाटी झड़प के 4 महीने बाद 12 अक्टूबर को मुंबई में हुए ब्लैकआउट में भी चीन का हाथ था। 

रिकॉर्डेड फ्यूचर का दावा। 

अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी कंपनी रिकॉर्डर फ्यूचर की रिपोर्ट में भारत की बिजली सप्लाई लाइन में चीन की घुसपैठ का दावा किया गया है। यह कंपनी सरकारी एजेंसियों के साथ इंटरनेट के उपयोग की स्टडी करती है बताया गया है कि अधिकतर चीनी मैलवेयर कभी एक्टिव नहीं किए गए थे हालांकि रिकॉर्डेड फ्यूचर भारत के पावर सिस्टम के अंदर नहीं पहुंच सकता था इसलिए इसकी जांच नहीं की जा सकी। 

रक्षा संगठन भी रडार पर। 

दावा है कि हैकर्स ने कुछ समूह राज्य सुरक्षा मंत्रालय,चीन की मुख्य खुफिया व सुरक्षा एजेंसी और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से भी जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली क्षेत्र के अलावा कई सरकारी और रक्षा संगठन भी रडार पर थे। एनटीपीसी लिमिटेड पास रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर और दो बंदरगाहों पर भी हैकर्स ने हमला किया था। 

चीन के बड़े साइबर अभियान का हिस्सा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह चीन के बड़े साइबर अभियान का हिस्सा था इसका मकसद भारत के पावर ग्रिड को ठप करना था। 

अचानक थम सी गई थी मुंबई। 

12 अक्टूबर 2020 की सुबह मुंबई में अचानक बिजली सप्लाई बंद होने से हड़कंप मच गया था। कभी ना रुकने वाली मुंबई अचानक थम सी गई। बिजली जाने से कोरोना की मार झेल रहे मुंबई के अस्पतालों में वेंटीलेटर ने काम करना बंद कर दिया ऑफिस में अंधेरा हो गया। 
हालांकि 2 घंटे की मशक्कत के बाद पावर सप्लाई को बहार कर दिया गया था। महाराष्ट्र के बिजली मंत्री नितिन राऊत ने उस समय कहा था कि अधिकारियों को संदेह था कि कुछ अंदरूनी दिक्कत लंबे समय तक बिजली गुल रहने की वजह है। 


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